
आम आदमी पार्टी के किसान नेता और फ्रंटल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण राम 108 दिनों की जेलवास के बाद बाहर आए हैं और किसानों सहित पूरे गुजरात के लोगों के लिए अपनी मजबूत आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया के साथ किसान नेता प्रवीण राम ने आज केशोद में “किसान संवाद” कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, किसान, आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेज भी भाजपा नेताओं की तरह ही सोचते होंगे कि “अगर आजादी की बात लेकर निकलने वालों को जेल में डाल दिया जाए तो आजादी की बात ही बंद हो जाएगी।” इसी सोच के साथ अंग्रेजों ने हमारे देश के कई महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों को जेल में डाला, फिर भी आजादी आई। भाजपा नेताओं को भी यह भ्रम है कि अगर आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल में डाल देंगे तो गुजरात में भाजपा ही चलती रहेगी, लेकिन ऐसा कुछ होने वाला नहीं है। क्योंकि अगर आप एक प्रवीण राम को जेल में डालोगे तो 500 प्रवीण राम तैयार होंगे, अगर आप एक राजू करपड़ा को जेल में डालोगे तो 500 राजू करपड़ा तैयार होंगे।
आगे विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि अब तक भाजपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे का काम करते थे और अंदरखाने पार्टी बदलते रहते थे, जिसके कारण जनता का कोई काम नहीं होता था। उन्होंने कभी भी गुजरात के आम लोगों और खासकर किसानों की आवाज नहीं सुनी। लेकिन अब गुजरात में और देश में आम आदमी पार्टी खड़ी हुई और एक तरफ से ईसुदानभाई आए, एक तरफ से मैं आया, एक तरफ से प्रवीणभाई आए, एक तरफ से चैतरभाई आए और इस तरह कई लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े और भगवान के आशीर्वाद से गुजरात में आम आदमी पार्टी का मजबूत काम हुआ। इसलिए पूरे गुजरात की उम्मीद और भरोसा आम आदमी पार्टी पर टिका है। अब तक भाजपा को चुनौती देने वाला कोई नहीं था, लेकिन अब पहली बार भाजपा के सामने खड़े होने वाले युवा मैदान में आए हैं और इसी वजह से भाजपा वाले परेशान हो गए हैं। और अगर आगे भी गुजरात की जनता का आशीर्वाद मिला तो भाजपा वाले हाथ में भी नहीं आएंगे।
इसके बाद आम आदमी पार्टी के किसान नेता प्रवीण राम ने अपने संबोधन में कहा कि 108 दिनों की जेलवास के दौरान केशोद की जनता सहित पूरे गुजरात की जनता ने जिस तरह मुझे और मेरे परिवार को समर्थन दिया, उन सभी लोगों का मैं धन्यवाद करता हूं। हम पर जो झूठे केस किए गए, वह गुजरात के किसानों को पसंद नहीं आए। मुझे किसी व्यक्तिगत लड़ाई के कारण जेल में नहीं डाला गया, बल्कि मैं इकोज़ोन की लड़ाई लड़ता हूं, घेड मुद्दे पर लड़ाई लड़ता हूं, किसानों की आवाज उठाता हूं, इसी वजह से मुझे जेल में डाला गया। उन्हें लगा कि हमें जेल में डालकर वे हमें कमजोर कर देंगे, लेकिन मैं सभी से कहना चाहता हूं कि हमें जेल में डालकर आप लोगों ने हमें और मजबूत किया है और भगवान करे कि आप लोग सौ साल जिएं।
इसके बाद किसान नेता प्रवीण राम ने हडदड में हुई घटना के बारे में बात करते हुए कहा कि हडदड गांव में मैंने अपनी बात पूरी की और राजूभाई करपड़ा ने भी अपनी बात पूरी की और बस कार्यक्रम खत्म होने ही वाला था। उसी समय पुलिस आती है और मैंने किसानों से बैठकर रहने को कहा तथा शांति की अपील की। लेकिन पुलिस वापस चली जाती है और कुछ मिनट बाद फिर लौट आती है और हमने फिर से लोगों से बैठने की अपील की। तीसरी बार जब पुलिस आई तो हेलमेट और लाठियों के साथ आई। इसके बाद पुलिस भीड़ में घुस गई। वहां जो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे, उनकी विवेकबुद्धि कहां चली गई? क्या पुलिस ने उकसाया नहीं? और भी गंभीर बात यह है कि जिन लोगों को उन्होंने भेजा, उनमें से कुछ ने पत्थरबाजी की, जिनमें भाजपा के लोग भी थे। इस पूरी घटना के बाद जिन 85 लोगों पर पुलिस शिकायत दर्ज की गई, उनमें से एक भी व्यक्ति पत्थर फेंकता हुआ नहीं था। इन 85 लोगों के पत्थर फेंकने का एक भी वीडियो पुलिस के पास नहीं था, तो फिर पुलिस ने इन लोगों को कैसे गिरफ्तार किया? दूसरी चौंकाने वाली बात यह है कि जो लोग वीडियो में पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं, उन पर एक भी पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की गई। इससे स्पष्ट होता है कि यह भाजपा द्वारा किया गया षड्यंत्र था।




