
ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कोकण कला व शिक्षण विकास संस्था द्वारा सिंधुदुर्ग जिले में सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस पहल के अंतर्गत 17 जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली महिलाओं को निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं।
ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उनके कौशल को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था। सिलाई मशीनों के माध्यम से महिलाओं को घर बैठे रोजगार सृजित करने और परिवार की आय बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा।
माणगांव (कुडाल) में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष दयानंद कुबल, रीजनल मैनेजर प्रथमेश सावंत, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अमोल गुराम, सूरज कदम, साक्षी पोटे, प्रीति पांगे, हर्षला कोल्हे सहित संस्था के पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उनके हस्तों लाभार्थी महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने महिलाओं से अपने कौशल का उपयोग करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने तथा परिवार की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।
विशेष उल्लेखनीय है कि कोकण कला व शिक्षण विकास संस्था के माध्यम से वर्तमान में कोकण क्षेत्र के विभिन्न भागों में 19 ‘कोकण सिलाई स्कूल’ सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण केंद्रों से अनेक महिलाओं ने सिलाई कला का प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं उद्यमिता का मार्ग अपनाया है। अब सिलाई मशीन प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी इस पहल से जोड़ते हुए उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, रोजगार के अवसर तथा भविष्य में स्वयं का लघु उद्योग स्थापित करने हेतु सहायता प्रदान की जाएगी।
संस्था ने विश्वास व्यक्त किया कि महिला सशक्तिकरण के इस अभियान में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी से कौशल विकास, आय वृद्धि, रोजगार सृजन, बाजार तक पहुंच तथा आत्मनिर्भर जीवन के अवसर बढ़ेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक परिवारों की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
कोकण कला व शिक्षण विकास संस्था शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है तथा समाज के वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए विभिन्न सामाजिक पहल संचालित कर रही है। सिलाई मशीन वितरण का यह कार्यक्रम संस्था की सामाजिक प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हुआ।
कार्यक्रम का संचालन समीर शिर्के ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन गौरी आडेलकर ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु वैष्णवी म्हाडगुत, ऋचा पेडणेकर, हर्षदा कोरगावकर, तन्वी, अवंती गवस तथा सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों एवं समर्थकों का विशेष आभार व्यक्त किया गया।





