भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, लोकप्रिय जननेता, सामाजिक न्याय के समर्थक तथा दलित एवं वंचित समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि के अवसर पर कोकण कला व शिक्षण विकास संस्था द्वारा, बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन (मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया) के सहयोग से एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 6 जुलाई 2026 को श्रीरंग लाडकोबा देसाई विद्यालय एवं कै. सौ. सीताबाई रामचंद्र पाटील जूनियर कॉलेज, पाट, तहसील कुडाल, जिला सिंधुदुर्ग में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 277 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे सफल बनाया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों तक समानता, सामाजिक न्याय, शिक्षा, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुँचाना तथा बाबू जगजीवन राम के संघर्षपूर्ण जीवन से नई पीढ़ी को प्रेरणा देना था। विद्यार्थियों ने केवल प्रतियोगिताओं में ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी, देशभक्ति और समानता के विचारों को भी उत्साहपूर्वक अपनाया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवयित्री श्रीमती वृंदा कांबली, जिला परिषद सिंधुदुर्ग के स्वास्थ्य एवं शिक्षा सभापति श्री प्रितेश राऊळ, जिला परिषद सदस्या श्रीमती यज्ञा सालगांवकर, वेंगुर्ला पंचायत समिति सदस्य श्री विष्णु फणसेकर, कार्याध्यक्ष देवदत्त सालगांवकर, पूर्व सचिव सुधीर ठाकूर, सदस्य अंकुश ठाकूर, बाबा तलवडेकर, दीपक पाटकर, राजेश सामंत, संस्था सदस्य एवं निवती सरपंच अवधूत रेगे, सामाजिक कार्यकर्ता तुषार सालगांवकर, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सयाजी बोंदर, शिक्षक श्री संदीप सालसकर, पर्यवेक्षिका अंकिता मोडक, शिक्षिकाएँ दीपिका सामंत, जान्हवी पडते, सिद्धी चव्हाण, हर्षदा कोरगावकर तथा अन्य शिक्षक एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में श्री राजेश गुरव ने अपनी भूमिका निभाई।
अतिथियों एवं विशेषज्ञ वक्ताओं ने बाबू जगजीवन राम के जीवन, सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान, शिक्षा के प्रति उनके दृष्टिकोण तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए निबंध, भाषण, चित्रकला, एकल गायन, एकल नृत्य, समूह गायन तथा समूह नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने सभी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। विजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों के हाथों ट्रॉफी, पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
निबंध प्रतियोगिता में चिन्मयी रामदास कोरगांवकर प्रथम, आर्या नारायण चांदेकर द्वितीय तथा सहज रविंद्र बुरुड तृतीय रहे। भाषण प्रतियोगिता में भक्ति योगेश तेली प्रथम, गायत्री दत्तप्रसाद सामंत द्वितीय तथा हर्षदा गणेश जोशी तृतीय रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में शिवराम तुकाराम मेस्त्री प्रथम, वीरेन संतोष नांदोसकर द्वितीय तथा पूर्वा सुहास जळवी तृतीय रहे। एकल गायन प्रतियोगिता में अनुज पांडुरंग मांजरेकर प्रथम, साई प्रमोद वेंगुर्लेकर द्वितीय तथा अथर्व बालकृष्ण मराळ तृतीय रहे। एकल नृत्य प्रतियोगिता में वेदश्री महेश दाभोलकर प्रथम, रुता सिद्धेश मार्गी द्वितीय तथा निधी गिरीधर केळुस्कर तृतीय रहीं।
समूह नृत्य प्रतियोगिता में “सत्यम शिवम सुंदरम्” ने प्रथम, “तिरंगा” ने द्वितीय तथा “वंदे मातरम्” ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूह गायन प्रतियोगिता में रितेश देवदत्त राणे एवं उनके समूह ने प्रथम, अथर्व बालकृष्ण मराळ एवं उनके समूह ने द्वितीय तथा साई प्रमोद वेंगुर्लेकर एवं उनके समूह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कोकण संस्था के विभागीय प्रबंधक श्री प्रथमेश सावंत, स्वाती मांजरेकर, अमित पाटील, अमोल गुराम, ऋचा पेडणेकर, वैष्णवी म्हाडगुत, सानिका गावडे तथा पल्लवी भोगटे ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कार्यक्रम का प्रस्तावना गौरी आडेलकर ने, संचालन समीर शिर्के ने तथा आभार प्रदर्शन वैष्णवी म्हाडगुत ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। सामाजिक समानता, शिक्षा और राष्ट्रसेवा का संदेश देने वाला यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध हुआ। उपस्थित लोगों ने ऐसे कार्यक्रमों को समाज में बाबू जगजीवन राम के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक बताया।





