

देश के प्रमुख औद्योगिक समूह बजाज ग्रुप के चेयरमैन कुशाग्र बजाज ने कहा कि न्यूक्लियर पावर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भारत की दूरगामी इकॉनमी ग्रोथ को बढ़ाने वाली दो सबसे ज़रूरी इंडस्ट्रीज़ के तौर पर उभर सकती हैं, जिनसे आने वाले दशकों में देश को $5 ट्रिलियन की इकॉनमी से $30 ट्रिलियन की इकॉनमी तक बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
श्री बजाज ने यह बात जय हिंद कॉलेज के फैमिली मैनेज्ड बिजनेस हब द्वारा आयोजित “मेगा नेटवर्किंग मीट- 2026” में बोलते हुए कही, जहाँ उन्होंने अपनी बेटी और बजाज समूह की पहली महिला उच्च अधिकारी सुश्री आनंदमयी बजाज के साथ स्टूडेंट्स, फैकल्टी और एल्युमनाई एंटरप्रेन्योर्स से बातचीत की और उन्हें अपने कैरियर में सफलता के मंत्र दिये। श्री बजाज ने कहा कि न्यूक्लियर पावर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के आर्थिक भविष्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि हम न्यूक्लियर पावर बिज़नेस में आ रहे हैं, और मुझे लगता है कि AI युवाओं के लिए एक बहुत बड़ा मौका है क्योंकि इसमें प्रोडक्टिविटी, इनोवेशन और एनर्जी सिक्योरिटी को काफी तेज़ी से बढ़ाने की क्षमता है, जिसके फलस्वरूप भारत $30 ट्रिलियन की इकॉनमी बनने की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पीढ़ियों तक फैमिली एंटरप्राइज को बनाए रखने में मूल्यों और अनुशासन के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि कंसिस्टेंसी, कड़ी मेहनत, पढ़ना और गहराई से सोचने की क्षमता फैमिली बिज़नेस को ज़िम्मेदारी से बनाए रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बिज़नेस परिवारों को अगली पीढ़ी को मज़बूत अनुशासन और ज़िम्मेदारी की भावना के साथ बड़ा करना चाहिए, ताकि वे समझ सकें कि एक एंटरप्राइज़ बनाने और उसे बनाये रखने के लिए क्या करना पड़ता है ? लीडरशिप और सीखने पर अपना नज़रिया शेयर करते हुए, बजाज ग्रुप की पाॅंचवीं पीढ़ी की युवा लीडर, सुश्री आनंदमयी बजाज ने स्ट्रेटेजिक सोच को आकार देने में ग्लोबल एक्सपोज़र और लगातार सीखने की वैल्यू के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने के फलस्वरूप दुनिया को देखने का आपका नज़रिया बदल जाता है। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ाई करने से मेरा नज़रिया बड़ा हुआ और मुझे अलग-अलग आइडिया और अनुभवों के लिए ज़्यादा खुला होने में मदद मिली। उन्होंने फ़ैमिली बिज़नेस को प्रोफ़ेशनल बनाने के महत्व पर भी ज़ोर दिया ताकि अगली पीढ़ी अनुभवी इंडस्ट्री लीडर्स और प्रोफ़ेशनल्स से सीख सके। उन्होंने बताया कि फ़ैमिली बिज़नेस को प्रोफ़ेशनल बनाने से ऑर्गनाइज़ेशन के अंदर अनुभवी लीडर्स और एक्सपर्ट्स से सीखने का उल्लेखनीय मौका मिलता है। उन नज़रियों के लिए खुला रहना और ज़मीनी स्तर पर सीखना, सोच-समझकर स्ट्रेटेजिक फ़ैसले लेने और ज़रूरी समझ विकसित करने के लिए नितांत आवश्यक है। इस इवेंट के ऑडियंस में मिसेज वासवदत्ता बजाज भी मौजूद थीं, जो अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व में बजाज परिवार की फैमिली बॉन्डिंग को दर्शाती हैं। उनकी मौजूदगी ने सच में यह दिखाया कि किसी भी परिवार में एक महिला अपनी विविध भूमिकाओं जैसे पत्नी, माँ और सपोर्ट सिस्टम होने के लिए कितनी ज़रूरी है ? इस इवेंट की शाम स्पीकर्स, स्टूडेंट्स और एल्युमनाई फाउंडर्स के बीच मज़ेदार बातचीत के साथ खत्म हुई, जिसमें भारत के एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम को बनाने में फैमिली बिज़नेस, स्टार्ट-अप्स और एकेडमिक इंस्टीट्यूशन्स के बीच कोलेबोरेशन की बढ़ती अहमियत पर ज़ोर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि दूरदर्शी इंडस्ट्रियलिस्ट श्री जमनालाल बजाज द्वारा शुरू किया गया बजाज ग्रुप भारत के सबसे जाने-माने बिज़नेस हाउसों में से एक है, जिसकी दिलचस्पी चीनी, एनर्जी, इथेनॉल और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में है। एंटरप्रेन्योरशिप, एथिकल बिज़नेस प्रैक्टिस और नेशन-बिल्डिंग की विरासत से गाइड होकर, यह ग्रुप अपनी शुरुआती वैल्यूज़ पर कायम रहते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है।




