
सुप्रसिद्ध समाजसेवी, साहित्यकार और लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती मंजू लोढ़ा ने कहा है कि कला, संस्कृति और साहित्य हमारे समाज को ऐसे संस्कारों की समृद्धि देते हैं, जो नयी पीढ़ी के नैतिक स्तर को उन्नत करने तथा समाज के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।


श्रीमती लोढ़ा मंगलवार, 7 अप्रैल, 2026 की शाम देश की प्रमुख सांस्कृतिक, सामाजिक और कलात्मक संस्था “आकृति आर्ट फाउंडेशन” द्वारा आयोजित 24वीं अंतर्राष्ट्रीय समूह कला प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रही थीं। उन्होंने इस प्रदर्शनी के आयोजन के लिए आकृति आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक डायरेक्टर मनमोहन जायसवाल और सभी प्रतिभागी चित्रकारों को हार्दिक बधाई दी तथा उनकी निरंतर सफलता के लिए अनंत शुभकामनाऍं प्रकट कीं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए सुप्रसिद्ध गीतकार, मीडिया एवं जनसम्पर्क सलाहकार तथा महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के निवर्तमान सदस्य गजानन महतपुरकर ने कहा कि चित्रकला एक ऐसी शक्ति है, जिसकी बदौलत चित्रकार अपने अंतर्मन के भावों की सुंदर अभिव्यक्ति करते हैं। उन्होंने मनमोहक कला प्रदर्शनी के लिए श्री मनमोहन जयसवाल और सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई दी। आकृति आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक डायरेक्टर मनमोहन जायसवाल ने बताया कि उनकी संस्था पिछले 19 वर्षों से कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। इसी क्रम में संस्था की 24 वीं अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी मुंबई के भूलाभाई देसाई रोड स्थित सिमरोज़ा आर्ट गैलेरी में 7 से 10 अप्रैल, 2026 तक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, दुबई और पोलैंड से आये लगभग 35 प्रतिष्ठित कलाकार भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे जल्दी ही अपनी टीम के साथ सभी कलाकारों के लिए डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म भी शुरू करने जा रहे हैं, जिससे आसानी से दुनिया के किसी भी कोने तक कलाकारों की कृतियाॅं पहुॅंचाई जा सकती हैं। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृत की वरिष्ठ विद्वान एवं कवयित्री श्रीमती प्रमिला शर्मा, आर डी एम आर एवं द वैल्दी ग्रुप्स के समूह सीईओ नीरज गोयल तथा ऑल स्टेट ग्रुप के चेयरमैन अजोयकांत रुइया, डॉ भूषण जाधव, सुमन पारिख, सोफिया प्रेमजी, मालती जैन, दिनेश मनोज गाला, स्नेहल मजूमदार, मोइज मामू उदय माथुर, वाला कोचर, खेमचंद भगनानी और कल्पेश शाह सहित विभिन्न वक्ताओं ने प्रदर्शनी के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शनी में सुविख्यात चित्रकार एम एफ हुसैन, जामिनी रॉय, रमेश गोरजला, जी आर संतोष, हिमांशी सिंह, पूजा पारेख, प्रदीप्ता किशोर जैन, अंजली हरनाहाली, बालकृष्ण कांबले, रिया दहिया शाह, निकुंज बिहारी दास, किरण उदय शिरूर, आश्का चौकसी, संजना रामचंदानी, वैशाली शाह, राजवी गांधी, मयूर श्रीवंधनकर, शिवानी धुरिया, मानसी डोवहाल, पूजा पारेख, ड्रेसनल मंत्री, प्रीति शाह, हिना मिंडा, गरिष्मा राठौर जैन, ध्यानेश्वर बेंबडे, प्रणिता घोड़े और श्रुति सोमन की पेंटिंग्स का प्रदर्शन किया गया है। बाल कलाकारों में थिया पालगोटा, समायरा सेठ, पार्श्वी राठौर, यश शाह, मयांक सचदेवा, अनव बाफना, मंत्राराज मेहता, पनईशा जैन, क्रिया जैन, आन्या जैन, प्रसिद्धि शंकर, ईशा फड़के, किरण जैन की कलाकृतियाॅं भी प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बहुत से कला प्रेमी, इंटीरियर डिजाइनर, आर्किटेक्ट तथा संगीत और साहित्य जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रारम्भ में श्री जायसवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। विभिन्न अतिथिगणों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ इस भव्य प्रदर्शनी की शुरुआत हुई, जो आगामी 10 अप्रैल, 2026 तक रोज़ाना दोपहर 11 से सायं 7 बजे तक सभी कलाप्रेमी दर्शकों के नि:शुल्क अवलोकनार्थ खुली रहेगी।





